भुतिया घर - एक ख़ौफ़नाक मंज़र | Indian Horror Stories

भुतिया घर – एक ख़ौफ़नाक मंज़र

Bhutiya Ghar

नैना और नवीन की नयी-नयी शादी हुई थी। शादी के १० दिन बाद ही नवीन को मुंबई में एक बढ़िया नौकरी मिल गयी। नैना और नवीन का तो ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। दोनों अल्मोड़ा छोड़ मुंबई आ गएँ।

मुंबई आकर वो दोनों बहुत खुश थें, चिंता सिर्फ इस बात की थी कि बहुत ढूँढने पर भी उन्हें भाड़े पर घर नहीं मिल रहा था। जो घर पसंद आता उसके भाड़ा उनकी पहुँच से ज्यादा होता था। अंत में नवीन के दोस्त ने उन्हें एक घर सुझाया जो कि मात्र ३००० रुपये भाड़े में मिल रहा था। ख़ास बात यह थी कि बिजली का बिल और केबल टीवी का बिल भाड़े में ही शामिल था और इनके लिए उन्हें कोई अलग रकम चुकता नहीं करनी थी।

नैना और नवीन को यह बात थोड़ी खटकी और उन्होंने ब्रोकर से पूछा कि घर आखिर इतना सस्ता कैसे था। इस पर ब्रोकर ने उन्हें बताया कि लोग इस को Bhutiya Ghar मानते हैं, इसीलिए कोई भी इसे लेने को तैयार नहीं। वो घर haunted places in Mumbai में से एक जाना जाता था।

पर नैना और नवीन भूत-प्रेत पर ज़रा भी विश्वास नहीं करते थे। उन्होंने बिना सोचे-समझे तुरंत ही घर के लिए हाँ कर दी और अगले ही दिन दोनों नए मकान में रहने आ गएँ।

इस नए घर के ग्राउंड फ्लोर में रसोई थी और फर्स्ट फ्लोर पर हॉल और एक कमरा था। ऊपर वाले कमरे में जाने के लिए घर के बाहर से सीढ़ी थी जबकि छत पर जाने की सीढ़ी इसी कमरे के बाहर थी। घर के बाहर जो सीढ़ी थी, वहां एक दरवाज़ा भी था ताकि कोई पशु सीढ़ियों पर न चढ़ जाए।

नवीन पूरे दिन ऑफिस में होता था जबकि नैना का सारा समय घर संभालने में चला जाता था। दोनों अपने नए घर में खुश थें। जैसा कि उन्हें कहा गया था कि इस घर में भूतों का वास था, वैसा तो उन्हें कुछ भी नज़र नहीं आया और न ही इस तरह का उन्हें कोई अनुभव हुआ।

हाँ, एक बात ज़रूर होती थी। रात ठीक १२.३० बजे जोर से कोई उनके कमरे को खटखटाता था। जब वो दरवाज़ा खोल देखते थे, तो वहां कोई भी नहीं होता था। ऐसा २-३ बार हो चुका था।

नैना और नवीन ने सोचा कि यह किसी आस-पड़ोस के बच्चे की शरारत होगी और इस पर उन्होंने ज्यादा ध्यान देना उचित नहीं समझा।

इसी तरह कई और दिन गुज़र गएँ। दरवाज़े पर खटखटाना अब रोज़ की बात हो गयी थी। लेकिन इस खटखटाहट के अलावा उन्हें इस घर में किसी और चीज की दिक्कत नहीं थी। इसीलिए दोनों ने इसे नज़रंदाज़ कर दिया।

इसी बीच एक दिन नैना की माँ का फ़ोन आया और नैना ने बातों-बातों में उन्हें दरवाज़े पर खटखटाहट वाली बात बता दी। सारी बात सुनकर नैना की माँ चिन्ता में पड़ गयी। उन्होंने अगले ही दिन नैना और नवीन के भाई से बात कर उन्हें नैना-नवीन के साथ कुछ दिनों के लिए मुंबई में उस bhutiya ghar रहने भेज दिया।

नैना के भाई, राज और नवीन के भाई, जीवन ने नैना से दरवाज़े पर खटखटाहट वाली सारी कहानी सुनी। उन दोनों को भी भूत-प्रेत पर कम ही विश्वास था, इसीलिए उन दोनों ने भी इस बात को हंसी-मज़ाक में उड़ा दिया।

नवीन के ऑफिस से आने के बाद सबने मिलकर खूब गप्पें मारी और खाना खाने के बाद सब सोने चले गएँ। नैना और नवीन के भाई हॉल में ही सो गएँ और नैना व नवीन अपने कमरे में सोने चले गएँ।

अचानक रात दो बजे जीवन की, चूड़ियों की खनक से, आँख खुल गयी। उसने देखा कि नैना का कमरा खुला था और वह छत की सीढ़ी पर चढ़ रही थी। जीवन ने नैना को रोकने के लिए आवाज़ लगाई, “भाभी, इतनी रात को कहाँ जा रही हो?”

लेकिन नैना ने उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया और वह ऊपर चढ़ती रही। नैना को रोकने के लिए जीवन ने फिर आवाज़ लगाई। जीवन की चीख सुनकर नवीन और राज की नींद खुल गयी और वो सीढ़ियों की तरफ दौड़ें। जीवन ने उन्हें संक्षेप में सब बताया।

तब तक नैना छत पर पहुंच गयी और छत की दीवार पर चढ़ गयी। पीछे से नवीन ने कई बार पुकारा पर नैना ने कोई जवाब नहीं दिया। नवीन दौड़ कर नैना के पास पहुंचा। नैना छत से छलांग लगाने ही वाली थी कि नवीन ने उसे पकड़ लिया और उसे नीचे उतारा।

अगले दिन घर के मालिक को बुलाकर सारी घटना सुनाई गयी। मकान मालिक ने बताया कि पहले इस घर में पहले जो परिवार रहता था उसमें पति-पत्नी के अलावा उनका एक बेटा था। एक दिन अचानक पति की हार्ट-अटैक से मौत हो गयी। पत्नी बड़ी मेहनत से अकेले बच्चे को पालने लगी। किन्तु पिता की मौत से आहत बेटा भी अचानक एक दिन चल बसा। पति और बेटे की मृत्यु से दुखी महिला ने एक दिन इसी छत से कूदकर ख़ुदकुशी कर ली।

लेकिन उस महिला को इस घर से बहुत लगाव था और उसकी मौत के बाद कोई भी इस घर में आये वो उसे पसंद नहीं था। इसीलिए उसकी आत्मा इस घर की रक्षा करती थी. यदि कोई भी इस घर में रहने आता तो उसकी आत्मा उन्हें डराकर यहाँ से भगा देती थी।

मकान मालिक से सारी घटना सुन नैना-नवीन बुरी तरह घबरा गएँ। अगले दिन मकान-मालिक को नवीन ने घर की चाबी पकड़ा दी और दोनों घर छोड़ चले गएँ। वो घर आज भी haunted places in Mumbai में अपनी जगह बनाए हुए है।

Spread the horror